सोमवार, 17 जून 2024

सतनाम आरती

हे सतनाम तेरी आरती उतारुं
आरती उतारू मैं तो तन मन वारुं 
हे सतनाम तेरी ...

जनम लिए बाबा गिरोधपुरी 
सत् के राजधानी भंडारपुरी
जोड़ा जैतखाम को सदा निहारुं 
हे सतनाम ...

बालकदास गुरु राजा बलिदानी
जेकर अंगरक्षक सराहा जोधानी 
इन चरणों में जीवन वारुं 
हे सतनाम ...

शब्दों से निकली है सतनाम प्यारी
धारण करती है दुनिया सारी 
गुरु चरणों को सदा पखारुं
हे सतनाम ...

आरती संगत के मन भावे 
नामकथा नित भक्तजन गावे 
मैं सुन सुन निज जनम सवारूँ
हे सतनाम....

जय सतनाम जय जय सतनाम

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